Joints and its type

 

 

दोस्तों, क्या आपने सोचा है कि जब हम Football को Kick करते हैं तो हमारा पैर कैसे मुड़ जाता है या हमारी हड्डी किस प्रकार एक दूसरे से जुड़ी हुई होती हैं? यदि नहीं, तो हम आपको बता दें कि joints में होने वाली movement के कारण ऐसा संभव होता है। प्रत्येक joints में मांसपेशियों की सिकुड़न और प्रसार से कुछ क्रियाएँ होती हैं जैसे flexion,stretching,adduction,abduction,rotation इत्यादि।    

दोस्तों joint शरीर के उन स्थानों को कहते हैं, जहाँ दो bones एक दूसरे से मिलती है, जैसे shoulder, elbow,या hip joint

दोस्तों joints पूरे शरीर के bones को hold कर एक साथ रखता है, और movement को support करता है। joints के कारण ही हम उठने, बैठने, चलने –फिरने, झुकने, लेटने और इसी प्रकार के सैकरों कार्यों को पूरा कर सकते हैं।   

दोस्तों सरीर मे mainly 3 types के joint होते हैं- पहला immovable joint or fibrous joint , दूसरा slightly moveable joint और तीसरा moveable joints

Immoveable joint:

इन joints में bones joined होता है। दोनों bones के बीच कुछ भी अंतर नहीं होता। इस कारण bones के confluence  पर किसी प्रकार की movement नहीं हो पाती। इस तरह के joints मे  दोनों bones  फाइब्रस tissue द्वारा आपस में जुड़ी रहती हैं। skull की bones, ribs और sternum के 1 st pair के बीच का जॉइंट्स इमूवबल joint का example है।

Slightly movable joint

Slightly movable joint को amphiarthroses कहा जाता है। इस प्रकार के joints मे bones hyaline cartilage or fibrocartilage द्वारा जुड़ा होता है। hip bone, vertebrae bone slightly movable joint का example है।

Movable joints

Movable joint को synovial joint भी कहा जाता है। इस type के joints मे synovial फ्लूइड होता है,जो joints के सभी भागों को एक दूसरे के against smooth रूप से चलने मे सक्षम बनाता है। body मे सबसे ज्यादा इसी प्रकार का joints पाया जाता है। knee joint, shoulder जॉइंट्स,एल्बो joints movable joint का example है।

दोस्तों movable joints मे इस्थित bones के बीच कोई direct contact नहीं होता है। synovial joint की सबसे बड़ी विशेषता articular कपसूल की presence होती है जो दो bones के बीच होती है। synovial joints की bone surface articular cartilage के coating से protect रहता है।

दोस्तों synovial या movable joint mainly 6 types की होती है।

1.  Ball and socket joints : इस तरह के joints में दो हड्डियां शामिल होती हैं। इन दो bones में से एक का सिरा बड़ा और गोल होता है जो दूसरी bones के कप जैसे सॉकेट में फिट हो जाता है। इस तरह का joints आमतौर पर बड़ी हड्डियों जैसे shoulder और hip joint में पाया जाता है।

2.  Hinge Joints : इस joints को एक simple  joints कहा जाता है। इस तरह का joint एक दरवाजे की तरह होता है जो एक direction मे खुलता है और बंद होता है। इस तरह के joints मे bones केवल एक axis मे ही move करता है और केवल केवल flexion और extension करता है। elbow joint और knee joint इस तरह के joint का example है।

3.  Pivot joint इस प्रकार के joints मे bone केवल एक axis पर ही move करता है। spine के टॉप पर पाए जाने वाला atlas और axis एक pivot joint बनाता है जिसके कारण head movement करता है।

4.  Gliding joint : यह joint ball and socket joint की तरह ही होता है, लेकिन इसमे rotation नहीं होता है। इस तरह के joints को plane joint कहा जाता है। wrist joint gliding joint का example है।

5.  Saddle joints : saddle joint , gliding joint की तरह ही होती है जिसमे 2 bones होती है। 2 bone मे से एक की surface concave और दूसरी की surface convex होती है। इसमे एक bone की convex surface दूसरे bone की concave surface से articulate होती है, जिसके कारण इसमे rotation नहीं होता है बल्कि back एण्ड forth और side by side movement होती है। thumb के base पर present joint saddle joint का example है।

6.  Condylar joints: एक condylar joint circular motion, flexion, और extension को आलो करता है। wrist मे radius बोने और carpel bone के बीच का joint condylar जॉइन्ट का example bones है।

joints में आर्टिकुलर कार्टिलेज age के साथ कम हो जाता है। यह degeneration knee, elbow, shoulder और hip में सबसे आम है। ऑस्टियोआर्थराइटिस जिसमे joint cartilage degenerate हो जाता है जिसके कारण joint pain और सूजन हो जाती है

Different Types and Function Of IV fluids

 

Hello friend, मैं हूँ सत्येन्द्र और स्वागत है आपका Scientech biology में। दोस्तों आज के विडिओ मे हम कुछ common use होने वाले iv fluids के बारे मे जानेंगे। इस विडिओ मे हम different iv fluids के composition और इसके use के बारे मे बात करेंगे।

दोस्तों पानी हमारे शरीर की हर कोशिका के लिए आवश्यक है। वास्तव में हमारा शरीर लगभग 60% पानी से बना है। जब आपके शरीर में पर्याप्त पानी नहीं होता है, तो इसे डिहाइड्रेशन कहते हैं। danger रूप से dehydrate होने पर एक व्यक्ति को IV फ्लूइड की आवश्यकता होती है। इसके अलावा iv fluid का use surgery, nutrient replacement, मेडकैशन और emergency situation मे किया जाता है।

दोस्तों iv का मतलब होता है Intra venous यानि जिसे vein के through दिया जाए। Intra venous fluid को intra venous solution भी कहा जाता है। IV fluid एक supplementary fluid है जिसका use सरीर मे normal fluid volume और electrolyte balance को maintain करने के लिए किया जाता है।   

Mostly IV fluid isotonic होते हैं, जिसका अर्थ है कि उनमें solute की concentration, blood plasma के समान होती है।

दोस्तों IV fluid basically 4 type’s के होते हैं। इनमे NS यानि normal saline, RL यानि ringer lactate, DNS यानि Dextrose normal saline होता है। इसके अलावा D5 और D10 saline और mannitol solution भी होता है।  

इन सारे saline को patient के बीमारी और condition के हिसाब से लगाई जाती है।

दोस्तों आइए इन सारे iv fluid के composition और use को detail मे जानते हैं।

Normal saline solution or nss एक crystalloid isotonic IV fluid है जिसमे water और sodium chloride यानि साधारण नमक होता है। normal saline solution मे 0.9% sodium chloride होता है, जो blood और आँसू मे sodium की मात्रा के समान होता है।

यह सबसे व्यापक रूप से इस्तेमाल किया जाने वाला fluid  है क्योंकि यह विभिन्न प्रकार की condition  के लिए सबसे effective fluid है। इसका उपयोग घावों को साफ करने, साइनस को साफ करने और dehydration का इलाज करने के लिए किया जाता है।इसके अलावा इसका use burn injuries और trauma मे हुए sodium loss को replace करने के लिए किया जाता है।  

लेकिन इसका उपयोग हार्ट फैल्यर, pulmonary edema और renal impairment या ऐसी स्थितियों के लिए नहीं किया जाना चाहिए जो सोडियम retention का कारण बनते हैं

यह एक crystalloid isotonic IV fluid है। आप अक्सर इस fluid को emergency room, एम्बुलेंसों और critical health issue से निपटने वाले अन्य स्थानों पर देख सकते हैं

Ringer lactate मे sodium lactate, sodium chloride, potassium chloride, और calcium chloride, होते हैं। यह सब electrolytes है।

इलेक्ट्रोलाइट्स नॉरमल बॉडी फंक्शनिंग में बहुत ही काम आते हैं। जब बीपी कम हो जाता है,या शरीर का पानी कम हो जाता है, तब सिर्फ शरीर में पानी देने से काम नहीं बनता। पानी के साथ-साथ इलेक्ट्रोलाइट्स भी शरीर में जाना बहुत ही जरूरी है।

Rl को Hartmann solution भी कहा जाता है। इसका उपयोग उन लोगों में fluid और इलेक्ट्रोलाइट्स को replace करने के लिए किया जाता है जिनमे blood की मात्रा कम या low blood pressure होता है। इसके अलावा इसका उपयोग metabolic acidosis के इलाज के लिएchemical burn के बाद आंख धोने के लिए, dehydration, और acute blood loss मे भी किया जाता है।

चूंकि लैक्टेटेड रिंगर में पोटेशियम होता है, इसलिए इसका उपयोग renal failure या renal complication  वाले patient में नहीं किया जा सकता है क्योंकि इससे हाइपरक्लेमिया हो सकता है। इसका उपयोग liver disease वाले रोगियों में भी नहीं किया जाना चाहिए, क्योंकि वे लैक्टेट को metabolize  नहीं कर सकते हैं। इसके अलावा यदि रोगियों का पीएच level 7.5 से अधिक है तो इसे नहीं दिया जाना चाहिए।

Dns मे 5% dextrose और 0.9% sodium chloride एक active ingredient के तौर पर रहता है। dextrose एक प्रकार का sugar होता है।

जब आप 3-4 दिन तक खाना नहीं खाते, या बहुत ही बीमार होते हैं तो खाना नहीं खाया जाता, या बुखार के केस में, यह use होने वाला सबसे बेस्ट सलाइन है

इसका उपयोग उन patients  के इलाज के लिए किया जाता है, जिनमे कोई बड़ी blood loss या fluid loss हुआ हो, या यदि उनके blood  में कैल्शियम का level कम है, या इंसुलिन हाइपोग्लाइसीमिया के active treatment  से गुजर रहे हैं,

डीएनएस इन्फ्यूजन उन मरीजों को भी दी जाती है जिनके खून में पोटैशियम और sodium का level  कम होता है डीएनएस इन्फ्यूजन dehydration या कार्बोहाइड्रेट की कमी वाले रोगियों में आवश्यक इलेक्ट्रोलाइट्स को restore करता है।

दोस्तों चौथी और पांचवी सलाइन है D5 और D10,  D5 में 5% Dextrose और D10 में 10% dextrose पाया जाता है। DNS में डेक्सट्रोज के साथ-साथ nacl यानी सोडियम क्लोराइड भी पाया जाता है। पर D5 और D10 में सिर्फ और सिर्फ शुगर ही पाया जाता है। इसका इस्तेमाल हाइपोग्लाइसेमिक पेशेंट में किया जाता है। 

Diabetes के patient मे D5 और D10 और Dns saline नहीं लगाई जाती है। उन पेशेंट में RL और NS लगानी चाहिए।

मैनिटोल इन्फ्यूजन एक दवा है जिसका इस्तेमाल एक्यूट रीनल (किडनी) फेल्योर, सेरेब्रल एडिमा यानि brain में excess  fluid  का जमा होना) और ग्लूकोमा नामक स्थिति में आंखों के अंदर दबाव को कम करने के लिए किया जाता है।

मैनिटोल इन्फ्यूजन अतिरिक्त पानी को हटाकर काम करता है और प्रभावित क्षेत्रों में सूजन से भी राहत दिलाता है। इसका उपयोग अकेले या अन्य दवाओं के साथ में किया जा सकता है।

Mannitol IV mannitol और water का solution है जो 5%, 10%, 15% और 20% concentration मे available रहता है।

Mannitol IV को intravenous infusion द्वारा दिया जाता है।

 

दोस्तों उम्मीद करता हूँ इस विडिओ मे दी गई सारी information आपको समझ मे आ गई होगी। दोस्तों इस विडिओ से रिलेटेड अगर आपकी कोई question हो तो आप comment section मे पूछ सकते हैं। दोस्तों इस विडिओ को शेयर करना भूले। 

 

Hello friend, I am Satyendra and welcome to Scientech biology. Friends, in today's video we will learn about some common use IV fluids. In this video we will talk about the composition of different IV fluids and its use. Friends, water is essential for every cell of our body. In fact our body is made up of about 60% water. When your body does not have enough water, it is called dehydration. A person needs IV fluids when they are dangerously dehydrated. Apart from this, iv fluid is used in surgery, nutrient replacement, medication and emergency situations. Friends iv means Intra venous i.e. which is given through the vein. Intra venous fluid is also called intra venous solution. IV fluid is a supplementary fluid used to maintain normal fluid volume and electrolyte balance in the body. Most IV fluids are isotonic, which means that the concentration of solute in them is similar to that of blood plasma. Friends IV fluid basically consists of 4 types. In these, NS means normal saline, RL means ringer lactate, and DNS means Dextrose is normal saline. Also D5 and D10 contains saline and mannitol solution. All these saline are applied according to the disease and condition of the patient. Friends, let us know the composition and use of all these IV fluids in detail. Normal saline solution or nss is a crystalloid isotonic IV fluid which contains water and sodium chloride i.e. common salt. Normal saline solution contains 0.9% sodium chloride, which is similar to the amount of sodium in blood and tears. It is the most widely used fluid as it is the most effective fluid for a variety of conditions. It is used to clean wounds, cleanse sinuses and treat dehydration. It is also used to replace sodium loss from burn injuries and trauma. But it should not be used for heart failure, pulmonary edema and renal impairment or conditions that cause sodium retention. It is a crystalloid isotonic IV fluid. You can often see this fluid in emergency rooms, ambulances, and other places dealing with critical health issues. Ringer lactate contains sodium lactate, sodium chloride, potassium chloride, and calcium chloride. It's all electrolytes. Electrolytes are very useful in normal body functioning. When the BP decreases, or the body's water decreases, then just giving water to the body does not work. Along with water, electrolytes are also very important in the body. Rl is also called Hartmann solution. It is used to replace fluid and electrolytes in people who have low blood volume or low blood pressure. Apart from this, it is also used to wash the eyes after chemical burns to treat metabolic acidosis, dehydration, and acute blood loss. Since Lactated Ringer's contains potassium, it cannot be used in patients with renal failure or renal complication as it may lead to hyperkalemia. It should also not be used in patients with liver disease, as they cannot metabolize lactate. Also it should not be given if the pH level of the patients is more than 7.5. Dns contains 5% dextrose and 0.9% sodium chloride as an active ingredient. Dextrose is a type of sugar. It is the best saline to use when you do not eat for 3-4 days, or when you are very ill, or in case of fever It is used to treat patients who have had a large blood loss or fluid loss, or if they have low calcium levels in their blood, or are undergoing active treatment for insulin hypoglycemia. DNS infusion is also given to patients who have low levels of potassium and sodium in their blood. DNS infusion restores essential electrolytes in patients with dehydration or carbohydrate deficiency. Friends, the fourth and fifth saline is found in D5 and D10, 5% Dextrose in D5 and 10% dextrose in D10. Along with dextrose, nacl ie sodium chloride is also found in DNS. But only and only sugar is found in D5 and D10. It is used in hypoglycemic patient. D5 and D10 and Dns saline are not applied in diabetic patients. RL and NS should be applied to those patients. Mannitol infusion is a medication used to reduce pressure inside the eyes in conditions called acute renal (kidney) failure, cerebral edema, and glaucoma. Mannitol infusion works by removing excess water and also provides relief from swelling in the affected areas. It can be used alone or in combination with other medicines. Mannitol IV is a solution of mannitol and water which is available in 5%, 10%, 15% and 20% concentration. Mannitol IV is given by intravenous infusion.